बर्फ, मौत और वफादारी: चार दिन तक मालिक के शव के पास डटा
19 वर्षीय विकसित राणा और उसका 13 वर्षीय ममेरा भाई पीयूष मंदिर में दर्शन और वीडियो शूटिंग के लिए निकले थे
सतीश ठाकुर
मंडी। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से सामने आई यह घटना इंसानी रिश्तों से कहीं आगे बढ़कर वफादारी की मिसाल बन गई है। भरमाणी माता मंदिर के दुर्गम पहाड़ों में दो किशोरों की दर्दनाक मौत हो गई, लेकिन उनके साथ गया पालतू कुत्ता चार दिनों तक बर्फीले तूफान के बीच अपने मालिक के शव के पास बैठा रहा।
जानकारी के अनुसार 19 वर्षीय विकसित राणा और उसका 13 वर्षीय ममेरा भाई पीयूष मंदिर में दर्शन और वीडियो शूटिंग के लिए निकले थे। उनके साथ कैंपिंग का सामान और पीयूष का कुत्ता भी था। पहाड़ों में अचानक मौसम ने करवट ली। भारी बर्फबारी और तूफान में दोनों रास्ता भटक गए। शून्य से नीचे तापमान में फंसने से उनकी मौत हो गई।
जब चार दिन बाद रेस्क्यू टीम बर्फ में दबे इलाके तक पहुंची तो वहां का दृश्य हर आंख नम कर गया। एक कुत्ता अपने मालिक के बेजान शरीर के पास बैठा था—न कहीं गया, न कुछ खाया-पिया। ठंड से कांपता हुआ भी वह अपने मालिक को छोड़कर नहीं हटा।
यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि उस बेजुबान वफादारी की कहानी है, जो इंसान को भी सोचने पर मजबूर कर देती है