सतीश ठाकुर
मंडी। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुंदरनगर स्थित जिला भाजपा कार्यालय में आयोजित 'पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान-2026' के अंतर्गत मंडी संसदीय क्षेत्र की कार्यशाला को संबोधित करते हुए पार्टी की वैचारिक जड़ों को सींचने और संगठनात्मक मजबूती का आह्वान किया, जहाँ उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि भारतीय जनता पार्टी आज दुनिया का सबसे बड़ा राजनीतिक संगठन केवल अपनी संख्या के कारण नहीं, बल्कि अपने अडिग वैचारिक अधिष्ठान और निस्वार्थ भाव से समर्पित करोड़ों कार्यकर्ताओं की बदौलत है। इस उच्च स्तरीय प्रशिक्षण शिविर में जयराम ठाकुर ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के 'अंत्योदय' और 'एकात्म मानववाद' के सिद्धांतों की प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि भाजपा का मूल लक्ष्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति का उदय करना है और जब तक विकास की किरण हर गरीब की दहलीज तक नहीं पहुँचती, तब तक संगठन का कार्य पूर्ण नहीं माना जा सकता। कार्यशाला के दौरान उन्होंने जमीनी स्तर पर संगठन को सशक्त बनाने, बूथ प्रबंधन को सुव्यवस्थित करने और जनसेवा के प्रति कार्यकर्ताओं की जवाबदेही तय करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विमर्श किया, जिसे उन्होंने आगामी चुनावों और सांगठनिक विस्तार के लिए एक मील का पत्थर बताया। इस वैचारिक सत्र में प्रदेश प्रभारी श्रीकांत शर्मा, सह-प्रभारी डॉ. संजय टंडन और प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल सहित कई दिग्गज नेताओं की उपस्थिति ने कार्यकर्ताओं के मनोबल को नई ऊंचाइयां प्रदान कीं।
सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण के श्रेय पर सुक्खू सरकार को घेरा
बाद में मीडिया से बातचीत में जयराम ठाकुर ने प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार केंद्र की जनकल्याणकारी योजनाओं का श्रेय लूटने की राजनीति कर रही है। विशेष रूप से सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ चलाए जा रहे 'ह्यूमन पैपिलोमा वायरस' (एचपीवी) टीकाकरण अभियान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 9 से 14 वर्ष की किशोरियों को गंभीर बीमारी से बचाने वाला यह अभियान पूर्णतः केंद्र सरकार की योजना है, जिसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा संचालित किया जा रहा है, परंतु राज्य सरकार अपने विज्ञापनों में केंद्र के योगदान का नाम तक नहीं ले रही है। उन्होंने आंकड़ों के साथ स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश को विशेष श्रेणी के राज्य का दर्जा दिया है, जिसके कारण इस टीकाकरण अभियान के कुल खर्च का 90 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार वहन कर रही है और राज्य का योगदान मात्र 10 प्रतिशत है, फिर भी सुक्खू सरकार राजनीतिक संकीर्णता के कारण प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र सरकार को इसका उचित श्रेय देने से बच रही है। जयराम ठाकुर ने इसे प्रदेश सरकार की कृतघ्नता और राजनीतिक दिवालियापन करार देते हुए कहा कि बेटियों के स्वास्थ्य से जुड़े इतने संवेदनशील और महत्वपूर्ण अभियान पर राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सरकार को नसीहत दी कि वह सामान्य राजनीतिक शिष्टाचार का पालन करे और जनता को गुमराह करने के बजाय केंद्र के सहयोग को स्वीकार करे। इस कार्यशाला में उपस्थित विधायकों और पदाधिकारियों ने संकल्प लिया कि वे केंद्र सरकार की उपलब्धियों और राज्य सरकार की विफलताओं को जन-जन तक पहुँचाएंगे।
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