सतीश ठाकुर
मंडी। हिमाचल प्रदेश में सुक्खू सरकार ने चिट्टे तस्करी में बड़ा एक्शन लिया था। सरकार ने सोमवार को 11 पुलिस कर्मियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया। इन कर्मचारियों के खिलाफ यह कार्रवाई प्रदेश सरकार की चिट्टा और नशे के खिलाफ शून्य सहिष्णुता नीति के अनुरूप, एनडीपीएस एक्ट के मामलों में संलिप्त पाये जाने पर की गई है। यह कार्रवाई भारतीय संविधान के अनुच्छेद 311(2)(बी) के तहत की गई है। यह कार्रवाई स्पष्ट और कठोर संदेश है कि कानून की रक्षा करने वाली पुलिस बल में कानून तोड़ने वालों के लिए कोई स्थान नहीं है।
हिमाचल प्रदेश में सुक्खू सरकार का चिट्टा तस्करी पर एक्शन।
जानकारी के अनुसार, सरकार ने भारतीय रिजर्व बटालियन बनगढ़ में तैनात इंस्पेक्टर नीरज कुमार, बिलासपुर में तैनात पुलिस कांस्टेबल शुभम ठाकुर, भारतीय रिजर्व बटालियन पंडोह में तैनात कांस्टेबल कपिल, एसडीआरएफ में तैनात कांस्टेबल शिव कुमार को नौकरी से निकाल दिया। इसके अलावा, शिमला पुलिस में तैनात कांस्टेबल लक्ष्य चौहान, एसवी एंड एसीबी में तैनात कांस्टेबल/ड्राइवर विशाल ठाकुर, 4-भारतीय रिजर्व बटालियन जंगलबैरी में तैनात कांस्टेबल गौरव वर्मा, 2-भारतीय रिजर्व बटालियन सकोह में तैनात कांस्टेबल/ड्राईवर संदीप राणा, एसडीआरएफ में तैनात कांस्टेबल अंकुश कुमार, स्टेट सीआईडी में तैनात कांस्टेबल रजत चंदेल तथा जिला शिमला में तैनात कांस्टेबल राहुल वर्मा को सेवा से बर्खास्त किया गया है।
शिमला में एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी चिट्टे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की है। अगर पुलिस कर्मी ही चिट्टा गतिविधियों में शामिल होंगे तो इस तरह की सख्त कार्रवाई अनिवार्य है। चिट्टा तस्करी व अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। चिट्टा गतिविधियों में शामिल सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। डीजीपी अशोक तिवारी ने पुलिस की ओर से चिट्टे के खिलाफ लिए गए एक्शन के बारे में प्रजेंटेशन दी।
मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि चिट्टे की तस्करी और चिट्टा गतिविधियों में शामिल सभी कर्मचारियांे की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर इसकी सूचना मुख्य सचिव को शीघ्र प्रदान की जाए। उन्होंने कर्मचारियों की ओर से चिट्टे से कमाई गई सम्पत्ति की रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजने के निर्देश भी दिए।
सुक्खू सरकार ने रखा है इनाम
दो ग्राम तक के चिट्टे की सूचना के लिए 10 हजार रुपये, पांच ग्राम के लिए 25 हजार रुपये, 25 ग्राम के लिए 50 हजार रुपये, एक किलो के लिए पांच लाख रुपये तथा एक किलो से अधिक मात्रा में चिट्टे की सूचना देने के लिए 10 लाख रुपये ईनाम राशि दी जाएगी. उन्होंने कहा कि बड़े गिरोह के सूचना देने वाले को पांच लाख रुपये से अधिक की ईनाम राशि प्रदान की जाएगी।उन्होंने कहा कि चिट्टे से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी साझा करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा 112 आपातकालीन नंबर शुरू किया गया है। उन्होंने लोगों से इस संबंध में किसी भी जानकारी को साझा करने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करने का आह्वान किया। बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, मुख्य सचिव संजय गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव के.के. पंत, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, सचिव सी. पालरासु, महाधिवक्ता अनूप रतन, निदेशक ग्रामीण विकास राघव शर्मा और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
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