मंडी। अंतरराष्ट्रीय महाशिaवरात्रि महोत्सव के दौरान जिले में प्रवासी श्रमिकों एवं बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही में उल्लेखनीय वृद्धि को देखते हुए विशेष पंजीकरण एवं सत्यापन अभियान चलाया जाएगा। इसे लेकर उपायुक्त मंडी की ओर से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत आदेश जारी किए गए हैं, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं और 31 मार्च, 2026 तक प्रभावी रहेंगे।
आदेशों के तहत जिला में बाहर से आने वाले प्रवासी श्रमिकों, शॉल व कंबल विक्रेताओं, रेहड़ी-फड़ी एवं फेरी लगाने वालों का पुलिस थानों तथा पुलिस चौकियों के स्तर पर पंजीकरण सुनिश्चित किया जाएगा। इसके साथ ही उनके मूल स्थानों से पृष्ठभूमि की जांच भी की जाएगी।
नियोक्ताओं को श्रमिकों का पूरा विवरण देना अनिवार्य
आदेशों के अनुसार कोई भी ठेकेदार, व्यापारी, व्यवसायी, कृषक अथवा व्यक्ति यदि जिला या राज्य से बाहर के श्रमिकों को कार्य पर रखता है, तो उसे उनका पूरा विवरण फोटो सहित संबंधित थाना प्रभारी को उपलब्ध करवाना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त जिले में अस्थायी रूप से निवास करने वाले सभी फेरी लगाने वालों एवं ठेका श्रमिकों को भी अपने-अपने क्षेत्र के पुलिस थानों में पंजीकरण करवाना होगा।
सुरक्षा व कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से कदम
उपायुक्त ने बताया कि पुलिस अधीक्षक मंडी द्वारा अवगत करवाया गया है कि बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर जिला मंडी में मजदूरी, शॉल व कंबल विक्रय, रेहड़ी-पटरी लगाने तथा अन्य कार्यों के लिए आ रहे हैं और कई मामलों में बिना सूचना दिए अस्थायी रूप से निवास कर रहे हैं। महाशिवरात्रि महोत्सव के दौरान सुरक्षा, कानून-व्यवस्था एवं सार्वजनिक शांति बनाए रखने के उद्देश्य से इन व्यक्तियों का पंजीकरण एवं सत्यापन आवश्यक है, जिसके दृष्टिगत यह आदेश जारी किए गए हैं।
उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई
उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि आदेशों की अवहेलना करने पर संबंधित प्रवासी श्रमिक अथवा उनके नियोक्ता के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 223 के अंतर्गत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।