सतीश ठाकुर
मंडी।
नाचन क्षेत्र की रेफल पंचायत के कुटाहची गांव निवासी डॉ. युगेश सिंह ठाकुर ने भौतिकी विषय में पीएचडी की उपाधि प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। पीएचडी थीसिस जमा करने के बाद डॉ. युगेश ठाकुर ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जयपुर में ईंधन सेल (फ्यूल सेल) के क्षेत्र में महत्वपूर्ण शोध कार्य किया, जिसे वैज्ञानिक जगत में सराहा गया।
उनकी लगन, निरंतर परिश्रम और उत्कृष्ट शोध कार्यों के चलते उन्हें दक्षिण अफ्रीका के प्रतिष्ठित फ्री स्टेट विश्वविद्यालय (यूएफएस) में पोस्टडॉक्टोरल शोध के लिए आमंत्रित किया गया है। यहां वे ऊर्जा भंडारण उपकरणों (एनर्जी स्टोरेज डिवाइसेज) और जल-विभाजन प्रौद्योगिकियों (वॉटर स्प्लिटिंग टेक्नोलॉजी) जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण और भविष्य उन्मुख क्षेत्रों में शोध करेंगे।
डॉ. युगेश ठाकुर की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है। गांववासियों ने इसे नाचन क्षेत्र ही नहीं, बल्कि पूरे मंडी जिले के लिए गर्व का विषय बताया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि युगेश की सफलता ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले युवाओं के लिए प्रेरणा है और यह सिद्ध करती है कि कठिन परिश्रम और समर्पण से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा जा सकता है।
डॉ. युगेश की इस उपलब्धि पर परिजनों, ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाइयां दी हैं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। युगेश दो भाई बहन है और पिता हेमराज ठाकुर सेना से सेवानिवृत्त हुए है और माता गृहणी है।
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