सतीश ठाकुर
मंडी। मंडी जनपद के अधिष्ठाता बड़ा देव कमरुनाग की गुरापीरी (गूर की ताजपोशी) को लेकर मामला लगातार नया मोड़ ले रहा है। सूखे से त्रस्त सात गढ़ क्षेत्र के लोगों ने बीते दिनों तत्कालीन गूर देवी सिंह देबू सहित नौ पूर्व व नए गूरों से बारिश के लिए देव कमरुनाग को धूप (परता) दिलवाई, लेकिन कोई भी गूर बारिश कराने में सफल नहीं हो पाया।
इसके बाद सात गढ़ के लोगों ने धगयारा गलू स्थित देवता के परता स्थल पर गूर देवी सिंह को बुलाकर अहम फैसला लिया कि यदि गूरों से बारिश नहीं होती है तो देव कमरुनाग को पुजारी के हवाले किया जाएगा। इसी बीच सात गढ़ के लोगों ने देवी सिंह से देवता को अपने कब्जे में लेकर गोत गांव के बोधराज को पुजारी मनोनीत कर दिया। साथ ही यह निर्णय भी लिया गया कि यदि पुजारी की ताजपोशी के बाद आठ दिन के भीतर बारिश होती है, तो गूर का दायित्व भी पुजारी बोधराज ही संभालेंगे।
लेकिन वीरवार को इस पूरे प्रकरण में नया मोड़ तब आ गया जब ज्यूंनी घाटी के कुछ लोग धगयारा गलू पहुंचे और उन्होंने देवी सिंह गूर को बुलाकर उनसे दोबारा बारिश के लिए देव कमरुनाग को धूप दिलवाई। अब यदि वीरवार रात या शुक्रवार को बारिश होती है तो एक बार फिर मरह्यार गांव के देवी सिंह उर्फ देबू को बड़ा देव कमरुनाग का गूर माना जाएगा।
उधर, लोगों में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि देव कमरुनाग की गुरापीरी को लेकर देवनीति में राजनीति का जहर घोला जा रहा है, जो इतनी बड़ी देव आस्था के लिए ठीक नहीं माना जा रहा। बहरहाल, वीरवार को पुजारी बोधराज के आठ दिन पूरे हो गए हैं और इसी दिन देवी सिंह गूर ने फिर देवता को धूप देकर बारिश के लिए परता दिया है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आज रात मौसम क्या रंग दिखाता है।
गौरतलब है कि मंडी जिला ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में लोग बारिश न होने से परेशान हैं। सेब सहित अन्य नगदी फसलों के लिए लोग बेसब्री से बारिश और बर्फबारी का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में अब बड़ा देव कमरुनाग के दरबार में बारिश की फरियादें लग रही हैं। मान्यता है कि मंडी जिला में कमरुनाग देवता को बारिश का देवता माना जाता है।