कार्यक्रम में अर्थशास्त्र के सहायक प्राध्यापक हिरा सिंह और वाणिज्य की सहायक प्राध्यापिका डॉ. डिम्पल जमटा ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार साझा किए। हिरा सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में डेटा और सांख्यिकी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने बताया कि आर्थिक नीतियों के निर्माण के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और शासन के विभिन्न क्षेत्रों में सांख्यिकीय उत्पादों का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को डेटा विश्लेषण में रुचि विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
वहीं, डॉ. डिम्पल जमटा ने सरल उदाहरणों के माध्यम से सांख्यिकीय उत्पादों की उपयोगिता को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि जनगणना, राष्ट्रीय आय और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक जैसे आंकड़े देश की प्रगति को मापने और नीतियां बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को इन विषयों के प्रति जागरूक रहने और अपने ज्ञान को निरंतर अद्यतन रखने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के तहत आयोजित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में समीक्षा ने प्रथम, सोनल ने द्वितीय और मनीषा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं, निबंध लेखन प्रतियोगिता में शेर सिंह प्रथम, सपना द्वितीय और चांदनी तृतीय स्थान पर रहे।
कार्यक्रम के अंत में विजेताओं को सम्मानित किया गया तथा सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया गया। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. उरसेम लता ने कहा कि यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक सिद्ध हुआ है, जिससे उनमें सांख्यिकीय उत्पादों के प्रति जागरूकता और रुचि में वृद्धि हुई है।
इस अवसर पर प्रो. हीरा सिंह, विजय कुमार, रतन देव, कृष्ण लाल, अनीता और निशा शर्मा सहित अन्य स्टाफ सदस्य भी उपस्थित रहे।