कुलदीप शर्मा/पधर (मंडी)।
मंडी पठानकोट नेशनल हाइवे पर कोटरोपी से करीब एक किलोमीटर आगे उरला के चमड़ा मोड़ के पास शनिवार रात को हुई भारी बारिश के बाद सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस गया है। शनिवार रात करीब 3ः10 बजे सड़क की सुरक्षा दीवार ढहने से सड़क का करीब आधा हिस्सा धंस गया और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। घटना से चंद मीनट पहले एक निजी वाॅल्वो बस और कार हादसा स्थल से गुजरी जो चपेट में आने से बाल बाल बच गई। सड़क किनारे बनी नाली को छोटे पत्थरों से भरकर छोटे वाहनों के लिए यातायात बहाल किया गया। लेकिन यहां से सफर जोखिम भरा है। भारी भरकम मलबा और पानी आने से 125 मीटर नीचे तक तबाही मची है। मलबे के सैलाब चीड़ के कई पेड जड़पट होकर गिर गए हैं। घटना स्थल के पास पीछे पहाड़ी से जमीन घंसने का क्रम पिछले कई दिनों से जारी है। गत रात को हुई मुश्लाधार बारिश ने यहां तबाही मचा डाली।
घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम पधर सुरजीत सिंह ठाकुर ने एनएचएआई की टीम साइट इंजिनियर अंकित गिल के साथ मौके का निरीक्षण किया। सड़क की स्थिति को देखते हुए यहां बड़े वाहनों की आवाजाही पर पूर्ण रोक लगा दी गई है। छोटे वाहनों की आवाजाही सुचारू रूप से जारी है। बसों और अन्य बड़े वाहनों को वैकल्पिक मार्गों पधर डायनापार्क झटिंगरी घटासणी और पधर नौहली जोगिंदरनगर से भेजा जा रहा है।
पुश्तैनी घराट व धान मशीन क्षतिग्रस्त-
बताया जा रहा है कि एनएचएआई ने यह सुरक्षा दीवार हाल ही में लगाई थी। दीवार ढहने से सड़क का बड़ा हिस्सा नीचे धंस गया, जिससे सड़क के नीचे स्थित पुश्तैनी घराट, धान की मशीन और उसके पीछे बनाई पानी की कूहल और हौद भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई जिनका नामो निशान मिट गया है। प्रभावित सेवानिवृत पुलिस कर्मचारी राम सिंह ने प्रशासन से उसके नुकसान की भरपाई की मांग की है।
पंचायत प्रधान भूप सिंह धरवाल, उपप्रधान चिंत राम ने भी एसडीएम के साथ घटनास्थल का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया। एसडीएम ने हल्का पटवारी को मौके पर हुए नुकसान का आकलन कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
चमड़ा मोड़ के पास भुस्खलन से क्षतिग्रस्त हुए मार्ग को रिस्टोर करना मुश्किल बना हुआ है। सामने पत्थर की पहाड़ी है। हार्ड राॅक को तोड़ने के लिए एनएचएआई ने रणनीति तैयार की है। इसको देखते हुए बड़ी पाॅकलेन मशीन को घटना स्थल पर तैनात किया है। मौसम में ठहराव आने पर यहां युद्ध स्तर पर राहत कार्य शुरू कर दिया जाएगा। मार्ग को पूर्ण रूप से बहाली के लिए दो से तीन दिन का समय लग सकता है।
इन वैकल्पिक मार्गों से गुजरेंगे बड़े वाहन-
पधर प्रशासन ने हाइवे पर यातायात सुचारू रखने के लिए वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेने की एडवाइजरी जारी की है।
मंडी-पठानकोट राजमार्ग पर बड़े वाहनों और बसों की आवाजाही को देखते हुए वाहनों को घटासनी-झटिंगरी-डायनापार्क और पधर-जोगेंदरनगर वाया नौहली मार्ग से भेजा जा रहा है। कुछ निजी बसें कोटरोपी और उरला से ट्रांसमिट होकर अपने गंतव्य की ओर भेजी जा रही हैं। बस टृांसमिट सुविधा का यात्री सबसे अधिक फायदा ले रहे हैं। सुविधा से लोगों के समय का बचाव हो रहा है।
मार्ग खराब होने से स्कूली बच्चों और कालेज के छात्रों को कठनाई झेलनी पड़ सकती है। निजी स्कूल चालकों ने अपनी बसें टृासमिट कर सुविधा को बहाल रखने की योजना बनाई है।
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