सतीश ठाकुर
मंडी। जमीन के नामांतरण (म्यूटेशन) के एवज में कथित तौर पर रिश्वत मांगने के मामले में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (विजिलेंस) मंडी ने वीरवार को गोहर में बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्व विभाग के तीन लोगों को गिरफ्तार किया। टीम ने ट्रैप के दौरान पटवारी सहायक को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। इसके बाद मामले में संबंधित कानूनगो और पटवारी को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया।
जानकारी के अनुसार पूर्ण चंद नामक व्यक्ति ने विजिलेंस के समक्ष शिकायत दी थी कि उसकी जमीन का म्यूटेशन करने के बदले दो लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कानूनगो और पटवारी ने रिश्वत की मांग की तथा पहली किस्त के रूप में एक लाख रुपये लेने के लिए अपने सहायक को भेजा।
शिकायत का सत्यापन करने के बाद विजिलेंस ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप लगाया। जैसे ही सहायक ने शिकायतकर्ता से एक लाख रुपये लिए, टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद कानूनगो और पटवारी को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और दोनों को भी मामले में गिरफ्तार कर लिया गया।
बताया जा रहा है कि कानूनगो शीघ्र ही सेवानिवृत्त होने वाले हैं, लेकिन सेवानिवृत्ति से पहले ही उन पर रिश्वतखोरी के आरोप लगने से यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।
विजिलेंस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसवी एंड एसीबी) थाना, मंडी में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों को शुक्रवार को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल करने का प्रयास किया जाएगा।
डीएसपी विजिलेंस प्रियंक गुप्ता ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है। पुलिस रिमांड के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि रिश्वत मांगने और लेने की पूरी साजिश में किसकी क्या भूमिका रही और क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं।
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