सतीश ठाकुर
मंडी। प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और नकल माफिया पर लगाम कसने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को सार्वजनिक परीक्षाओं से जुड़े कानून में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। प्रस्तावित संशोधन के तहत पेपर लीक और संगठित परीक्षा धांधली के मामलों में दोषियों के लिए अधिकतम 10 साल की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। साथ ही मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट को अधिक अधिकार देने का भी प्रस्ताव है।सरकार का कहना है कि यह संशोधन देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए लाया गया है। हाल के वर्षों में विभिन्न भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं को देखते हुए कानून को और अधिक कठोर बनाया गया है। प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, संगठित रूप से पेपर लीक या परीक्षा में धांधली करने वालों के खिलाफ कड़ी आपराधिक कार्रवाई होगी। सरकार जल्द ही इस संशोधन विधेयक को संसद में पेश करेगी। इसके पारित होने के बाद दोषियों के खिलाफ पहले की तुलना में कहीं अधिक सख्त दंडात्मक कार्रवाई संभव होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का भरोसा दिया है और कहा है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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