सतीश ठाकुर
मंडी। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बिलासपुर-मनाली-लेह रेललाइन परियोजना के तहत जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ने लगी है। रेलवे की ओर से सेंट्रल लाइन के दोनों ओर अधिग्रहित की जाने वाली भूमि का दायरा तय करने के लिए वाइडनिंग सर्वे शुरू कर दिया गया है। निजी कंपनी सलापड़ क्षेत्र से सर्वे का कार्य कर रही है। सर्वे पूरा होने के बाद भूमि अधिग्रहण और परियोजना के विस्तृत निर्माण कार्य को गति मिलेगी।
रेलवे परियोजना के तहत हराबाग से सुंदरनगर तक करीब 10 किलोमीटर लंबी एस्केप टनल प्रस्तावित है। इसके अलावा सुंदरनगर के शीतला माता मंदिर के समीप करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा रेलवे स्टेशन बनाया जाएगा। बैहना में भी लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबा स्टेशन प्रस्तावित है, जो इस क्षेत्र का प्रमुख रेलवे ठहराव होगा। बैहना क्षेत्र में दो सुरंगों का भी निर्माण किया जाएगा। इनमें एक सुरंग करीब 900 मीटर और दूसरी लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबी होगी। रेलवे स्टेशन की चौड़ाई एक ओर 90 मीटर और दूसरी ओर 80 मीटर प्रस्तावित की गई है।
कुल्लू क्षेत्र में रेललाइन राइट बैंक से होते हुए खुले ट्रैक (ओपन सेक्शन) में मनाली तक गुजरेगी। सर्वे के माध्यम से सेंट्रल लाइन के दोनों ओर अधिग्रहित होने वाली जमीन का आकलन किया जा रहा है। इसके आधार पर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया और अंतिम डिजाइन तैयार की जाएगी। इसके बाद निर्माण कार्य को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
बिलासपुर-मनाली-लेह रेललाइन को देश की सबसे महत्वपूर्ण सामरिक रेल परियोजनाओं में माना जा रहा है। परियोजना के पूरा होने से हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों और लद्दाख तक रेल संपर्क स्थापित होगा। इससे सेना की आवाजाही के साथ-साथ पर्यटन, व्यापार और स्थानीय लोगों के आवागमन को भी नई गति मिलेगी।
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