नवनियुक्त डीएफओ पुलकित गुलाटी ने गिनाईं प्राथमिकताएं
जनभागीदारी से वन संरक्षण को देंगे नई दिशा
सतीश ठाकुर
मंडी। सुकेत वन मंडल के नवनियुक्त मंडलीय वन अधिकारी (डीएफओ) पुलकित गुलाटी ने वन संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए वन प्रबंधन को नई दिशा देने का विजन सामने रखा है। उन्होंने कहा कि समृद्ध वन, सुरक्षित वन्यजीव और सशक्त समाज ही सुकेत वन मंडल में उनकी प्राथमिकता रहेगी। पौधरोपण और वन संरक्षण को नई गति देने के साथ स्थानीय समुदायों और आम नागरिकों को संरक्षण गतिविधियों का सक्रिय भागीदार बनाया जाएगा।
2023 बैच के भारतीय वन सेवा अधिकारी पुलकित गुलाटी ने 27 अगस्त 2026 को सुकेत वन मंडल के डीएफओ का कार्यभार संभाला है। इससे पहले वह मंडी में जिला परियोजना अधिकारी के पद पर सेवाएं दे चुके हैं। प्रशासनिक एवं विकास कार्यों के अनुभव के साथ अब वन विभाग की जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने वन संरक्षण को तकनीक, विभागीय समन्वय और जनभागीदारी से मजबूत करने पर जोर दिया है। गुलाटी के अनुसार वन संरक्षण केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें स्थानीय लोगों की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। इसी सोच के तहत पौधरोपण, वन संरक्षण और जागरूकता अभियानों को स्थानीय समुदायों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों का जीवन जंगलों और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़ा है, उन्हें संरक्षण की प्रक्रिया में सहभागी बनाकर बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।
मानव-वन्यजीव संघर्ष और वनाग्नि पर रहेगा फोकस
सुकेत वन मंडल में मानव-वन्यजीव संघर्ष और वनाग्नि की घटनाओं को कम करना भी उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए विभागीय स्तर पर बेहतर निगरानी, जागरूकता और स्थानीय लोगों के सहयोग से प्रभावी व्यवस्था विकसित करने पर जोर रहेगा। वनाग्नि की रोकथाम के लिए लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ समय रहते सूचना और कार्रवाई की व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
एआई और आधुनिक तकनीक से होगी जंगलों की निगरानी
नवनियुक्त डीएफओ ने वन संरक्षण में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक के माध्यम से वन क्षेत्रों की निगरानी और संरक्षण व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सकता है। तकनीक के बेहतर इस्तेमाल से वन क्षेत्रों में होने वाली गतिविधियों की निगरानी, संभावित वनाग्नि की पहचान तथा वन्यजीव संरक्षण जैसे कार्यों को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
वन प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न विभागों के साथ मजबूत समन्वय स्थापित करना भी उनकी कार्ययोजना का अहम हिस्सा है। उन्होंने कहा कि वन संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा, आग की रोकथाम और मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसे विषय कई विभागों से जुड़े हैं। ऐसे में बेहतर तालमेल के माध्यम से इन चुनौतियों का प्रभावी समाधान संभव है। गुलाटी ने कहा कि उनका प्रयास ऐसा जनभागीदारी आधारित संरक्षण मॉडल विकसित करने का रहेगा, जिसमें प्रकृति, वन्यजीव और मानव के बीच संतुलित एवं सुरक्षित सह-अस्तित्व सुनिश्चित हो। जागरूकता और क्षमता निर्माण के माध्यम से स्थानीय लोगों को वन संरक्षण से जोड़कर सुकेत वन मंडल को संरक्षण के क्षेत्र में एक प्रभावी मॉडल के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा।
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