जयराम के आगे क्या फिर 2027 में सराज कांग्रेस होगी बौना साबित
अंतर्कलह से जूझ रही सराज कांग्रेस को एकजुट होने की जरूरत
1998 से लगातार भाजपा के कब्जे में है सराज की सीट, वोट शेयर 38.74 से बढ़कर 75.70 फीसदी पहुंचा
सतीश ठाकुर
मंडी। मंडी जिले की सराज विधानसभा सीट में 2027 के विस् चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। एक ओर भाजपा अपने मजबूत संगठन और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के व्यक्तिगत प्रभाव के सहारे मैदान में है, वहीं कांग्रेस के सबसे बड़ी चुनौती अपने भीतर की गुटबाजी को खत्म कर एकजुट होने की है। सराज में भाजपा की मजबूती का अंदाजा चुनावी आंकड़ों से लगाया जा सकता है। वर्ष 1998 में चच्योट के नाम से हुए चुनाव में भाजपा का वोट शेयर 38.74 फीसदी था, जो 2003 में 43.63, 2007 में 50.19, 2012 में 53.38, 2017 में 56.27 और 2022 में बढ़कर 75.70 फीसदी पहुंच गया। यानी छह चुनावों में भाजपा का वोट शेयर लगातार बढ़ा है। जयराम ठाकुर 1998 से लगातार इस सीट पर जीत दर्ज करते आ रहे हैं।
2022 में भाजपा के मुख्यमंत्री रहे जयराम ठाकुर ने कांग्रेस के चेतराम ठाकुर को 38,183 वोटों के बड़े अंतर से हराया था। ऐसे में भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने इस मजबूत वोट बैंक को बरकरार रखने की है। पार्टी की ताकत केवल जयराम ठाकुर की व्यक्तिगत लोकप्रियता नहीं, बल्कि पंचायत से बूथ स्तर तक संगठन, जनप्रतिनिधियों और युवा कार्यकर्ताओं का नेटवर्क भी है।
इसके विपरीत कांग्रेस में फिलहाल चेतराम ठाकुर, जगदीश रेड्डी, विजय पाल और महेंद्र ठाकुर अपनी-अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने में जुटे हैं। राजनीतिक हलकों में चेतराम ठाकुर को होलीलॉज के करीब माना जाता है, जबकि जगदीश रेड्डी और विजय पाल को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के खेमे से जोड़कर देखा जाता है। महेंद्र ठाकुर को आरएस बाली समर्थक माना जाता है। अलग-अलग राजनीतिक समीकरणों से जुड़े इन नेताओं की मौजूदगी कांग्रेस के लिए एकजुटता की चुनौती बन रही है।
संगठन के निर्देश पर ये नेता एक मंच पर दिखाई दे सकते हैं, लेकिन असली परीक्षा टिकट की दौड़ शुरू होने के बाद होगी। टिकट को लेकर दावेदारी बढ़ी तो मंच की एकता जमीन पर अंतर्कलह में बदलने का खतरा रहेगा। यही स्थिति भाजपा के लिए राजनीतिक अवसर बन सकती है। सराज की मौजूदा राजनीति में मुकाबला सिर्फ भाजपा और कांग्रेस के बीच नहीं, बल्कि भाजपा के मजबूत संगठन बनाम कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान के बीच भी दिखाई दे रहा है। भाजपा जहां 2022 के 75.70 फीसदी वोट शेयर को आधार बनाकर आगे बढ़ना चाहेगी, वहीं कांग्रेस के सामने सबसे पहले अपने अलग-अलग धड़ों को एकजुट करने और फिर भाजपा के मजबूत किले में सेंध लगाने की चुनौती होगी। आने वाले समय में सराज की राजनीति का सबसे बड़ा सवाल यही रहेगा कि क्या कांग्रेस अपने चारों प्रमुख चेहरों को एकजुट कर भाजपा के सामने मजबूत चुनौती पेश कर पाएगी, या उसकी अंतर्कलह ही जयराम ठाकुर के लिए सबसे बड़ी ताकत बन जाएगी।
बॉक्स : जयराम ठाकुर ने 1998, 2003 और 2007 में चच्योट सीट से चुनाव लड़ा, जबकि बाद के चुनावों में यही क्षेत्र सराज नाम से जाना गया। छह चुनावों में उनके सामने अलग-अलग राजनीतिक चेहरे चुनौती देते रहे, लेकिन हर बार जीत जयराम ठाकुर के खाते में गई।
1998 में जयराम के सामने कांग्रेस के मोती राम और हिमाचल विकास कांग्रेस के शिव लाल प्रमुख प्रतिद्वंद्वी थे। जयराम को 15,337 वोट मिले, जबकि मोती राम को 9,558 और शिव लाल को 9,553 वोट मिले।
2003 में शिव लाल फिर जयराम के सामने आए। इस बार हिमाचल विकास कांग्रेस के प्रत्याशी के रूप में। जयराम ने 21,040 वोट हासिल किए और 7,588 मतों से जीत दर्ज की।
2007 में मुकाबला फिर जयराम ठाकुर बनाम शिव लाल रहा। जयराम को 27,102 और शिव लाल को 23,917 वोट मिले। इस चुनाव में जीत का अंतर घटकर 3,185 रह गया। हिमाचल सरकार की चुनाव सांख्यिकी रिपोर्ट में भी यही आंकड़े दर्ज हैं।
2012 में कांग्रेस ने तारा ठाकुर को मैदान में उतारा। जयराम ने 30,837 वोट लेकर 5,752 मतों से जीत हासिल की।
2017 में कांग्रेस के चेत राम ने जयराम को चुनौती दी, लेकिन जयराम का वोट शेयर बढ़कर 56.27 प्रतिशत हो गया और उन्होंने 11,254 मतों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की। निर्वाचन आयोग के आंकड़ों में जयराम को 35,519 और चेत राम को 24,265 वोट मिले हैं।
सबसे बड़ी राजनीतिक तस्वीर 2022 में सामने आई। जयराम ठाकुर को 53,562 वोट यानी 75.70 प्रतिशत मत मिले, जबकि कांग्रेस के चेत राम को महज 15,379 वोट मिले। जीत का अंतर 38,183 वोट रहा, जो पिछले चुनावों की तुलना में असाधारण रूप से बड़ा अंतर है।
आंकड़े बताते हैं बड़ी राजनीतिक कहानी
1998 से 2022 के बीच जयराम ठाकुर के वोट 15,337 से बढ़कर 53,562 हो गए। यानी 24 साल में उनके वोटों में 38,225 की वृद्धि हुई। वहीं वोट शेयर 38.74 प्रतिशत से बढ़कर 75.70 प्रतिशत पहुंच गया। यह करीब 36.96 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी है।
इस लिहाज से सराज की राजनीति में जयराम ठाकुर की सबसे बड़ी ताकत सिर्फ लगातार छह चुनाव जीतना नहीं, बल्कि हर चुनाव के साथ अपना व्यक्तिगत वोट आधार मजबूत करना भी रही है। खासकर 2017 के बाद 2022 में वोट शेयर में आया उछाल सराज की चुनावी राजनीति में एक अलग ही तस्वीर पेश करता है।
बॉक्स : सराज में कांग्रेस के नेता अपने अपने आकाओं को खुश रखने की राजनीति करते रहे मगर पार्टी को धार देने में जमीनी स्तर पर फिस्सडी दिखाई दिए। चुनाव के समय कांग्रेस नेता टिकट की चाह में मंच पर हाईकमान के सामने तो एक हो जाते हैं। मगर टिकट आवंटन के बाद एक दूसरे की टांगे खींचने में पार्टी को मजबूत करने के बजाय पार्टी और संगठन को धराशाई कर देते हैं। सराज में यह सिलसिला 1998 से चला आ रहा है। अब सवाल यह उठता है कि क्या आगे भी यह सिलसिला यही रहेगा या कांग्रेस हाईकमान पुराने सभी चेहरों को दरकिनार कर सराज में नए नेता का उदय करेगी।
बॉक्स : सराज में पूर्व मुख्यमंत्री एवम विधायक जयराम ठाकुर लोगों के दिलों में जगह बनाने के लिए इसलिए कामयाब रहे हैं क्योंकि उन्होंने सराज के घर घर तक पैदल यात्रा कर लोगों के दुख सुख में वे शरीक हुए हैं। विधायक बनने के बाद जयराम ने लोगों की पीठ का बोझ उतारकर घर गांव सड़कें पहुंचाई। जयराम मुख्यमंत्री बने तो वे जैसे ही सराज की दहलीज पर कदम रखते प्रोटोकॉल छोड़ जनता को अपनापन देते थे। मुख्यमंत्री रहते सराजी भाषा में जनता से बात करना, शादी ब्याह में जनता से नाटी लगाना और लोगों के काम करना उनका जुनून रहा है। सराज में 2023 और 2025 में आई भयंकर आपदा में जयराम पैदल प्रभावितों से मिले और उनका दुख दर्द साझा किया। जिससे वे आज सराज के लोगों में अपनी अटूट पहचान बनाये हुए है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखु के निर्देशानुसार अब किसी भी विस् क्षेत्र में बिना संगठन को सूचना दिए कोई भी नेता पार्टी का कोई भी कार्यक्रम नही कर सकेगा। पार्टी को मजबूत करने के लिए हर विस् क्षेत्र में 2027 के चुनाव के लिए सभी कार्यकर्ता व नेता एकजुटता से काम करेंगे। सराज में कांग्रेस ने जो गलतियां पीछे की है उन्हें 2027 में होने नही दिया जाएगा।
चंपा ठाकुर, जिला कांग्रेस अध्यक्ष।
मंडी जिला में भाजपा 2027 के चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है और 2027 में फिर मंडी जिला से दस की दस सीटें भाजपा हाईकमान की झोली में डालेगी। सराज में पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की सीट भाजपा प्रदेश भर में सबसे बड़े मार्जिन से जीतकर सरकार बनाएगी।
निहाल ठाकुर, भाजपा जिला अध्यक्ष।