नाऊ। पनाऊ गांव में हर तीसरे वर्ष आयोजित होने वाला प्रसिद्ध जहल उत्सव शनिवार को धूमधाम से मनाया गया। उत्सव में ग्रामीणों ने मुखौटे पहनकर विशेष वेशभूषा धारण की और भगवान शिव के गणों के रूप में सजकर देव परंपरा का निर्वहन किया। इस दौरान गांव में श्रद्धा और उत्साह का माहौल रहा। मां अंबिका नाऊ के कारदार रोशन लाल शर्मा ने बताया कि यह उत्सव मार्कंडेय ऋषि की जाग के बाद आयोजित होता है। पनाऊ में हर तीसरे साल जहल उत्सव मनाया जाता है, जबकि एक वर्ष इसका आयोजन खमराधा गांव में किया जाता है। इस दौरान मां भगवती अंबिका भी पनाऊ में मौजूद रहती हैं।
होम उत्सव के साथ मेलों का आगाज
कारदार रोशन लाल शर्मा ने बताया कि मां अंबिका मंदिर नाऊ में होम उत्सव के साथ ही मेलों का आगाज हो गया है। माता के मेले में विशेष आमंत्रण पर ज्वालापुर घाटी के देव बरनाग जी और सराज घाटी के नारायण बान से भगवती मां अंबिका जी भी पहुंचे हैं ।
देव परंपरा के रंग में रंगा नाऊ-पनाऊ
जहल उत्सव के दौरान ग्रामीणों का मुखौटे पहनकर भगवान शिव के गणों के रूप में सजना आयोजन का मुख्य आकर्षण रहा। धार्मिक आस्था और पारंपरिक रीति-रिवाजों से जुडे इस उत्सव में ग्रामीणों ने बढ-चढ कर भाग लिया।
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