सतीश ठाकुर/मंडी।
कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर सफर को और सुरक्षित बनाने के लिए एनएचएआई ने तीन अहम काम प्रस्तावित किए हैं। दवाड़ा फ्लाईओवर में क्षतिग्रस्त तीन पिलर नए सिरे से बनाए जाएंगे। झलोगी सुरंग का मुहाना मौजूदा जगह से करीब 300 मीटर आगे निकालने की तैयारी है। वहीं, हणोगी में बाईं सुरंग को केबल एंकरिंग के जरिए पहाड़ से सुरक्षित करने की योजना है।
वर्ष 2025 की प्राकृतिक आपदा में पहाड़ से भारी चट्टानें और मलबा गिरने से दवाड़ा फ्लाईओवर के पिलर और स्लैब क्षतिग्रस्त हो गए थे। झलोगी सुरंग का मुहाना भी इसकी चपेट में आया था। इसके बाद से इस हिस्से में यातायात प्रभावित रहा है। अब तकनीकी जांच के बाद एनएचएआई ने क्षतिग्रस्त ढांचे को दोबारा मजबूत करने की योजना बनाई है।
दवाड़ा फ्लाईओवर के चार क्षतिग्रस्त स्लैब हटाने के साथ तीन पिलरों को भी पूरी तरह हटाकर नए सिरे से बनाने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य फ्लाईओवर को पहले से अधिक सुरक्षित और मजबूत बनाना है।
झलोगी सुरंग का क्षतिग्रस्त मुहाना पुराने स्थान पर बनाने के बजाय करीब 300 मीटर आगे निकालने की तैयारी है। इसके लिए सुरंग की लंबाई भी बढ़ेगी। इससे पहाड़ी से गिरने वाले मलबे और चट्टानों से सुरंग के मुहाने को बचाने में मदद मिलने की उम्मीद है। हणोगी में बाईं सुरंग को पहाड़ी से अतिरिक्त सुरक्षा देने के लिए केबल एंकरिंग करने की योजना है। इसके जरिए पहाड़ की चट्टानों को मजबूत तरीके से बांधने का काम किया जाएगा, ताकि भविष्य में भूस्खलन या चट्टानों के खिसकने का खतरा कम किया जा सके। बता दें कि झलोगी टनल व फ्लाईओवर आपस में जुड़े हुए हैं। ऐसे में यह दोनों कार्य एक साथ करवाए जाने हैं।
परियोजना निदेशक, एनएचएआई पीआईयू मंडी वरूण चारी ने बताया कि आपदा में हुए नुकसान के बाद पुनः इन कार्यों को करने के लिए योजना बनाई गई है। प्रमुख तीन कार्य प्रस्तावित हैं। इसके लिए विभिन्न स्तर पर चर्चा के बाद स्वीकृति मिलना बाकी है।
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